Friday, April 23, 2010

कुछ नयी लाइन

१- दुनिया से हरदम जुदा रहा करते है
तेरी यादो के संग जिया करते है
कुछ बेवफायियो के सिवा रखा क्या है
रात दिन उन्ही से गिला करते है
२- मान जाओ एक रोज सायद तुम अपना
इसी भ्रम को आज तक पाल रखा है
मर भी गर हम गए ये सनम कभी
दिल तो तेरे लिए नीकाल रखा है
३- खेला न करो इस तरह दिल की हसरतो से
कांच से नाजुक एक आह से टूट जाते है
साथ हो तुम जैसे बेवफा का अगर
मंजिल भी नहीं मिलती और राह भी छूट जाते है

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