Sunday, April 25, 2010

अपने गम मै किसको सुनाऊ

अपने गम मै किसको सुनाऊ
साथ मै किसके दो पल बिताऊ
जिसको देखो वही टुटा हुआ है
हाथ थमने की आस किससे लगाऊ
प्यार के दो बोल जो सुना दे कोई
हाथ के हाथ दुनिया ले कोई
प्यार दुनिया से ही मिट गया जब
दो बोल की आस मै किससे लगाऊ
अपने गम मै किसको सुनाऊ
साथ मै किसके दो पल बिताऊ

जीने की नयी आश दे जो आज कोई
खोई हुई पहचान जो दे आज कोई
मेरी मंजिल की पहचान दे जो कोई
उस शख्स को मै दुडकर कहा से लाऊ
अपने गम मै किसको सुनाऊ
साथ मै किसके दो पल बिताऊ

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